मैं असफल हो रहा हूँगा अगर उजले पन्ने कविता संग्रह को पूर्णत:अपनी रचना कहूँ.मैं हृदय से धन्यवाद व्यक्त करता हूँ उनके लिए जिन्होंने अपने सततमार्गदर्शन, आलोचना एवम परामर्श से इसे समृद्ध किया है. मैं ऋणी हूँ अपने मातापिता एवम अपने परिजनों का जिन्होंने मेरे हर कार्य का समर्थन किया हैऔर आभारी हूँ अपने दोस्तों का जिन्होंने इसे जीवंत किया.